Thursday, November 18, 2021

मैं भारत हूँ।

मैं भारत हूँ।
मैं वह भारत हूँ जिसने पिछले पाँच हजार वर्ष में कभी अपने किसी बेटे का नाम दुशासन नहीं रखा, क्योंकि उसने एक स्त्री का अपमान किया था।
मैं वह भारत हूँ जो कभी अपने बच्चों को रावण या कंश नाम नहीं देता, क्योंकि इन्होंने अपने जीवन में स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया था।
मैं वह भारत हूँ जहाँ कोई गांधारी अपने सौ पुत्रों की मृत्यु के बाद भी द्रौपदी पर क्रोध नहीं करती, बल्कि अपने बेटों की असभ्यता के लिए क्षमा मांगती है।
मैं वह भारत हूँ जहाँ निन्यानवे प्रतिशत बलात्कारियों को अपना गाँव छोड़ देना पड़ता है, और उसे धक्का कोई और नहीं, खुद उसके खानदान वाले देते हैं।
मैं वह भारत हूँ जहाँ गुस्सा आने पर सामान्य बाप बेटे को भले लात से मार दे, पर बेटी को थप्पड़ नहीं मारता!
मैं वह भारत हूँ जहाँ एक सामान्य बाप अपने समूचे जीवन की कमाई अपनी बेटी के लिए सुखी संसार रचने में खर्च कर देता है।
मैं वह भारत हूँ जहाँ अब भी बेटियाँ लछमी होती हैं। मैं वह भारत हूँ जहां बेटे बाप के हृदय में बसते हैं और बेटियां उसकी आत्मा में बसती हैं।

सभ्यता में असभ्यता के संक्रमण से उपजी आधुनिक कुरीतियों ने बेटियों के जन्म पर उपजने वाले उल्लास का रंग भले मार दिया हो, पर अब भी पिता सर्वाधिक खुश अपनी बेटी की मुस्कान देख कर ही होता है।
मैं वह भारत हूँ जिसके सौ करोड़ बच्चे अब भी नहीं लांघते मर्यादा की लकीर! उनमें बसते हैं, राम, बसते हैं कृष्ण, बसते हैं शिव... उनके बीच निर्भय हो कर मुस्कुराती है कोई राधा, कोई मीरा, कोई अनुसुइया...
मैं वह भारत हूँ जिसके हृदय में अब भी धर्म बहता है।

समाज की प्रतिष्ठा पराजित नहीं होती हिजड़ों के अश्लील ठहाकों से,

रोजी के लिए राष्ट्र पर प्रहार करने वाले चर्चित भले हों, प्रतिष्ठित नहीं होते।
मैं वह भारत हूँ, जिसकी प्रतिष्ठा स्वयं प्रकृति तय करती है, जिसके मस्तक पर तिलक स्वयं सूर्य लगाते हैं।
मैं भारत हूँ..
📌📌📌📌📌📌📌📌📌
कॉमेंट जरूर करें🙏🙏


इंटरनेट से सधन्यवाद 

सर्वोत्तम शास्त्र

एक व्यक्ति ने व्यापार में उन्नति की और लंदन में ज़मीन ख़रीद उस पर आलीशान घर बनाया.

भूमि पर पहले से ही एक खूबसूरत स्विमिंग पूल और पीछे की और एक 100 साल पुराना लीची का पेड़ था.

 उन्होंने वो भूमि उस लीची के पेड़ के कारण ही ख़रीदी थी, क्यूँकि उनकी पत्नी को लीचियाँ बहुत पसंद थी.

कुछ अरसे बाद Renovation के समय उनके कुछ मित्रों ने सलाह दी,उन्हें किसी वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.

यद्यपि उसे ऐसी बातों पर विश्वास नहीं था, फिर भी मित्रों का मन रखने के लिए उन्होंने बात मान ली और Hongkong से 30 साल से वास्तु शास्त्र के बेहद प्रसिद्ध Master Cao को बुलवा लिया.

उन्हें Airport से लिया, दोनों ने शहर में खाना खाया और उसके बाद वो उन्हें अपनी कार में ले कर अपने घर की ओर चल दिए.

रास्ते में जब भी कोई कार उन्हें Overtake करने की कोशिश करती, वो उसे रास्ता दे देते.

Master Cao ने हंसते हुए कहा आप बहुत Safe driving करते हैं. उसने भी हंसते हुए प्रत्युत्तर में कहा लोग अक्सर Overtake तभी करते हैं जब उन्हें कुछ आवश्यक कार्य हो, इसलिए हमें उन्हें रास्ता देना चाहिए.

घर के पास पहुँचते-पहुँचते सड़क थोड़ी संकरी हो गयी और उसने कार थोड़ी और धीरे कर ली. तभी अचानक एक हंसता हुआ बच्चा गली से निकला और तेज़ी से भागते हुए उनकी कार के आगे से सड़क पार कर गया, वो उसी गति से चलते हुए उस गली की ओर देखते रहे, जैसे किसी का इंतज़ार कर रहे हों, तभी अचानक उसी गली से एक और बच्चा भागते हुए उनकी कार के आगे से निकल गया, शायद पहले बच्चे का पीछा करते हुए. Master Cao ने हैरान होते हुए पूछा - आपको कैसे पता कि कोई दूसरा बच्चा भी भागते हुए निकलेगा ?

उसने बड़े सहज भाव से कहा, बच्चे अक्सर एक-दूसरे के पीछे भाग रहे होते हैं और इस बात पर विश्वास करना संभव ही नहीं कि कोई बच्चा बिना किसी साथी के ऐसी चुहल और भाग दौड़ कर रहा हो,

Master Cao इस बात पर बहुत ज़ोर से हंसे और बोले की आप निस्संदेह बहुत सुलझे हुए व्यक्ति हैं.

घर के बाहर पहुँच कर दोनों कार से उतरे. तभी अचानक घर के पीछे की ओर से 7-8 पक्षी बहुत तेज़ी से उड़ते नज़र आए. यह देख कर उसने Master Cao से कहा कि यदि उन्हें बुरा न लगे तो क्या हम कुछ देर यहाँ रुक सकते हैं ?

Master Cao ने कारण जानना चाहा उसने कहा कि शायद कुछ बच्चे पेड़ से लीचियाँ चुरा रहे होंगे और हमारे अचानक पहुँचने से डर के मारे बच्चों में भगदड़ न मच जाए, इससे पेड़ से गिर कर किसी बच्चे को चोट भी लग सकती है.

Master Cao कुछ देर चुप रहे, फिर संयत आवाज़ में बोले मित्र, इस घर को किसी वास्तु शास्त्र जाँच और उपायों की आवश्यकता नहीं है.

उसने बड़ी हैरानी से पूछा ऐसा क्यूँ ?

Master Cao - जहां आप जैसे विवेकपूर्ण व आसपास के लोगों की भलाई सोचने वाले व्यक्ति उपस्थित/विद्यमान होंगे - वो स्थान/संपत्ति वास्तु शास्त्र नियमों के अनुसार बहुत पवित्र-सुखदायी-फलदायी होगी.

जब हमारा मन व मस्तिष्क दूसरों की ख़ुशी व शांति को प्राथमिकता देने लगे, तो इससे दूसरों को ही नहीं, स्वयं हमें भी मानसिक लाभ-शांति-प्रसन्नता मिलती है

जब कोई व्यक्ति सदा स्वयं से पहले दूसरों का भला सोचने लगे तो अनजाने में ही उसे संतत्व प्राप्त हो जाता है जिसके कारण दूसरों का भला हो रहा होता है व उसे ज्ञानबोध मिल जाता है.

भले ही हम प्रण न करें परंतु क़ोशिश अवश्य करें कि हममें भी ऐसे कुछ गुण विकसित हो जाएं कि हमारे घर को Feng Shui अथवा वास्तु जैसे किसी जंत्र-मंत्र की आवश्यकता ही न रहे.

इंटरनेट से धन्यवाद के साथ। 

Saturday, November 13, 2021

अल्हड़ सी रहने दो मुझको

अल्हड़ सी रहने दो मुझको
नटखट शैतानी रहने दो
नहीं बनना मुझको शहजादी
चिड़िया मनमानी रहने दो

क्यूं बन जाऊं मैं समझदार?
क्यूं अपना बचपन खो दूं मैं
क्यूं खुशियों को धूमिल कर दूं?
क्यूं जिम्मेदारी बो दूं मैं?
नही होना मुझको हिम जैसा
ठंडा सा पानी रहने दो। 
अल्हड़ सी रहने दो मुझको 
नटखट शैतानी रहने दो।

अरे जाने दो! क्यूं उमर गिनू?
क्यूं खुद को बदलकर वार करूं?
क्यूं नीरस बन सब रस त्यज दूं?
मैं क्यूं न खुद को प्यार करूं?
मैं तितली सी ,कई रंग मुझमें
मौजों का रवानी रहने दो
अल्हड़ सी रहने दो मुझको
 नटखट शैतानी रहने दो।

कभी प्रेम की बगिया में झूमूं
बादल से करूं लुक्का छिप्पी
कभी भिड़ जाऊं सूरज से भी
चंदा को भी दे दूं झप्पी
ऊबड़ खाबड़ पगडंडी मैं
जैसी हूं वैसी रहने दो।
अल्हड़ सी रहने दो मुझको
नटखट शैतानी रहने दो। 


ज्योतिकृति की ओर से धन्यवाद सहित

Thursday, November 11, 2021

चिन्तन यही चलता रहे

*चिन्तन यही चलता रहे*

गुम हो जाएं अंधेरे, मन का सूरज चमकता रहे
सबको सुख देने का, दिल में इरादा पलता रहे

बैर विरोध रखे चाहे, दुनिया तुझसे कितना भी
दिल में रहम का पौधा, सबके लिए फलता रहे

कर्महीन होकर बैठना, मत करना तुम स्वीकार
श्रेष्ठ कर्म के लिए तेरी, रगों में रक्त उबलता रहे

आत्म संशोधन करते जाना, समय निकालकर
रोज तुम्हारा स्वभाव, पवित्र होकर बदलता रहे

सबके जीवन में कैसे आए, सुख शान्ति भरपूर
तेरे मन बुद्धि में हमेशा, चिन्तन यही चलता रहे

*ॐ शान्ति*


इंटरनेट से धन्यवाद के साथ 

Saturday, March 6, 2021

कुछ ध्यान देने योग्य बातें..!

💟- 'कुछ ध्यान देने योग्य बातें' -💟

1. लगातार दो बार से अधिक किसी को कॉल न करें। यदि वे आपकी कॉल नहीं उठाते हैं, तो मान लें कि इस वक्त उनके पास कुछ महत्वपूर्ण कार्य है।

2. उधार लिया धन पहले लौटाएँ और दूसरे व्यक्ति के याद दिलाने या माँगने का इन्तजार ना करें ! यह आपकी ईमानदारी और अच्छे चरित्र को दर्शाता है।

3. जब कोई आपको लंच / डिनर दे रहा हो तो कभी भी मेनू पर महंगे पकवान का ऑर्डर न करें। यदि संभव हो तो उन्हें ही आपके लिए अपनी पसंद का ऑर्डर करने के लिए कहें।

4. ओह! 'तो आपने अभी तक शादी नहीं की है'? या अरे! 'क्या आपके बच्चे नहीं हैं’ जैसे अजीबो गरीब सवाल नहीं पूछें।
'आपने घर क्यों नहीं खरीदा'? या 'आप कार क्यों नहीं खरीदते'? यह आपकी समस्या नहीं है।

5. अपने पीछे आने वाले व्यक्ति के लिए हमेशा दरवाजा खोलें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह लड़का है या लड़की, सीनियर है या जूनियर। आप सार्वजनिक रूप से किसी के भी साथ अच्छा व्यवहार करें।

6. यदि आप किसी दोस्त के साथ टैक्सी लेते हैं, और वह अभी भुगतान करता है, तो अगली बार आप भुगतान करने का प्रयास करें।

7. विभिन्न प्रकार के विचारों का सम्मान करें। याद रखें कि आपके लिए जो 6 दिख रहा है वो सामने से आने वाले लोगों को 9 दिखाई देगा।  

8. लोगों से बात करते समय बीच में कभी बाधा न डालें। उन्हें अपनी बात कहने की अनुमति दें।  

9. यदि आप किसी को चिढ़ाते हैं, और वे इसका आनंद नहीं लेते हैं, तो इसे रोकें और फिर कभी ऐसा न करें।  

10. जब कोई आपकी मदद कर रहा हो तो "धन्यवाद" जरूर कहें।

11. सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करें! जरूरी हो तभी निजी तौर पर आलोचना करें।

12. किसी के वजन पर टिप्पणी करने का कभी कोई मतलब नहीं है। बस कहें, "आप शानदार दिखते हैं।" 

13. जब कोई आपको अपने मोबाईल पर एक फोटो दिखाता है, तो स्वयं उसके मोबाइल पर बाएं या दाएं स्वाइप न करें। आपको नहीं पता कि आगे उसका निजी फोटो है।

14. यदि कोई सहकर्मी आपको बताता है कि उसे डॉक्टर से मिलना है, तो यह न पूछें कि किस लिये मिलना है?, बस कहें "मुझे आशा है कि आप ठीक हैं"। अपनी व्यक्तिगत बीमारी बताने के लिए उन्हें असहज स्थिति में न डालें। 

15. अगर आप अपने से नीचे के लोगों के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करते हैं तो लोग नोटिस करेंगे।

16. यदि कोई व्यक्ति आपसे सीधे बात कर रहा है, तो अपने फोन को देखना अशिष्टता है.

17. जब तक आप से नहीं पूछा जाये तब तक कभी भी बिन मांगे सलाह न दें.

18. जब किसी से लंबे समय के बाद मिल रहे हो तो, जब तक वे इसके बारे में बात न करें, तब तक उनसे उनकी उम्र और वेतन न पूछें.

19. अपने काम से काम रखें.

20. अपने धूप के चश्मे को हटा दें जिस समय आप किसी से सड़क पर बात कर रहे हैं। यह सम्मान की निशानी है। नेत्र संपर्क आपके भाषण में महत्वपूर्ण है।

21. गरीबों के बीच में अपने धन के बारे में कभी बात न करें।

22. मोबाइल का उतना ही उपयोग करें जितना जरूरी हो ...
नेट चलाने का एक समय अवश्य निश्चित करें ...! 

23. कोशिश करें प्रतिदिन कोई ना कोई ऐसा एक काम जरूर करें कि दिल खुश हो जाए ! 

और अंत में...

ऐसी पोस्ट साझा करें। जिससे कि आपने जो कुछ सीखा है उससे दूसरों को भी सीखने में मदद मिले।

इसे प्रसारित करें। और भावी पीढ़ी को शिक्षा दें

एक अच्छे चरित्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है

━━━━━━━━━✿━━━━━━━━━